मेरी मोहब्बत का जनाज़ा निकला है आज,
आओ चलते हैं।
दुनिया के लिए ही सही, चलो दिखावा करते हैं।
मेरे रेहनुमा बस तुम ही हो,
सबको गुमां यूं है।।
धोका ही तोह है।।
आओ फिरसे करते हैं।
दुनिया के लिए ही सही, चलो दिखावा करते हैं।।
क्या ही रक्खा है सही गलत में,
सब बेकार का यह हो हल्ला है।
आखिर,,
सच्चाई ही तोह है।।
चलो झूठा साबित करते हैं।
आँखें नीची क्यू कर निकलें।
गुनाहगार साबित हम हुए कहाँ हैं?
अरे,,
इल्ज़ाम ही तोह है।।
किसी और पर मढ़ते हैं।
दुनिया के लिए ही सही, चलो दिखावा करते हैं।।
ये जो सभी सयाने बने बैठे हैं,
इनकी भी हालत हम सी ही है।
इन्ही से सीख कर आज,
इनकी ही आँखों में धूल भरते हैं।
जो सब कर रहे हैं,
हम तुम भी कर गुज़रते हैं।
दुनिया के लिए ही सही, चलो दिखावा करते हैं।।
ये सारे सिद्धांत यूं ही धरे रह जाएंगे
इन्हे उन्ही सयानो संग रहने दो।।
कुछ चटक भी गए तोह गुनाह क्या है??
हम तुम काफिर बन पड़ते हैं।।
शोर करीब आ रहा है सुनो।।
अब इस भीड़ में शामिल हो निकलते हैं।।
ये मेरी ही, मोहब्बत का जनाज़ा निकला है आज,
आओ चलते हैं।
दुनिया के लिए ही सही, चलो दिखावा करते हैं।