जब ज़िन्दगी की दौड़ भुला
एक सांस लेने मैं रुका,
दे तेरी साँसों का सिला
मुझे फिर ज़िन्दगी ने दौड़ा दिया!!
भूल बीते दिन के किस्सों को मैं,
कल की सोच में जो खोने लगा,
पर ये भी न गवारा था ज़िन्दगी तुझे,
जो फिर इत्तिहास मुझे रटा दिया
जब ज़िन्दगी की दौड़ भुला
एक सांस लेने मैं रुका,
दे तेरी साँसों का सिला
मुझे फिर ज़िन्दगी ने दौड़ा दिया!!
जब आज को ही सीने से लगा
मैं कल क ख्वाबो में डूबा था !
उन् ख्वाबो की कोशिश ने ही
मुझे नींद से जगा दिया !
मैं आँखें मूँद चलता रहा ,
जिस ओर तू खींचें चली ,
जब आँख उठा देखा तो जाना ,
तूने फिर उसी मोड़ पर पहोंचा दिया !!
जब ज़िन्दगी की दौड़ भुला
एक सांस लेने मैं रुका,
दे तेरी साँसों का सिला
मुझे फिर ज़िन्दगी ने दौड़ा दिया!!
एक सांस लेने मैं रुका,
दे तेरी साँसों का सिला
मुझे फिर ज़िन्दगी ने दौड़ा दिया!!
भूल बीते दिन के किस्सों को मैं,
कल की सोच में जो खोने लगा,
पर ये भी न गवारा था ज़िन्दगी तुझे,
जो फिर इत्तिहास मुझे रटा दिया
जब ज़िन्दगी की दौड़ भुला
एक सांस लेने मैं रुका,
दे तेरी साँसों का सिला
मुझे फिर ज़िन्दगी ने दौड़ा दिया!!
जब आज को ही सीने से लगा
मैं कल क ख्वाबो में डूबा था !
उन् ख्वाबो की कोशिश ने ही
मुझे नींद से जगा दिया !
मैं आँखें मूँद चलता रहा ,
जिस ओर तू खींचें चली ,
जब आँख उठा देखा तो जाना ,
तूने फिर उसी मोड़ पर पहोंचा दिया !!
जब ज़िन्दगी की दौड़ भुला
एक सांस लेने मैं रुका,
दे तेरी साँसों का सिला
मुझे फिर ज़िन्दगी ने दौड़ा दिया!!