अभी इस कहानी में, आने पड़ाव काफी हैं,
इन पलकों के पीछे, छिपे ख्वाब काफी हैं |
कभी मिलेंगे तोह बतला भी देंगे,
बतलाने को अभी सवालो के जवाब काफी हैं |
गर सोच तुम ये चल दिए,
के किस्सा अपना बस इतना ही था |
जो पलट के झाँक लो तोह जान लोगे,
यकीन की आड़ में तुम्हें गुमान काफी हैं |
अभी इस कहानी में आने पड़ाव काफी हैं,
इन पलकों के पीछे छिपे ख्वाब काफी हैं |
चार दिन में ये सोच बैठे,
के सब कुछ सीख लिया हमने,,
पर,
तेरे आइना दिखलाने में भी देर न थी |
था गुरूर के हम भी सब समझते हैं,
जान गए हैं हम, आज भी हम अनजान काफी हैं |
अभी से क्या आखिर के सोचने लगे,
अभी तो आगाज़ बस हुआ ही था |
पर,
जो कहानी पे शक्क करने लगो तोह याद रखना,
इस किस्से की आज भी, पुरानी पहचान काफी है
कभी मिलेंगे तोह बतला भी देंगे
बतलाने को अभी सवालो के जवाब काफी हैं |
अभी इस कहानी में, आने पड़ाव काफी हैं,
इन पलकों के पीछे, छिपे ख्वाब काफी हैं |
इन पलकों के पीछे, छिपे ख्वाब काफी हैं |
कभी मिलेंगे तोह बतला भी देंगे,
बतलाने को अभी सवालो के जवाब काफी हैं |
गर सोच तुम ये चल दिए,
के किस्सा अपना बस इतना ही था |
जो पलट के झाँक लो तोह जान लोगे,
यकीन की आड़ में तुम्हें गुमान काफी हैं |
अभी इस कहानी में आने पड़ाव काफी हैं,
इन पलकों के पीछे छिपे ख्वाब काफी हैं |
चार दिन में ये सोच बैठे,
के सब कुछ सीख लिया हमने,,
पर,
तेरे आइना दिखलाने में भी देर न थी |
था गुरूर के हम भी सब समझते हैं,
जान गए हैं हम, आज भी हम अनजान काफी हैं |
अभी से क्या आखिर के सोचने लगे,
अभी तो आगाज़ बस हुआ ही था |
पर,
जो कहानी पे शक्क करने लगो तोह याद रखना,
इस किस्से की आज भी, पुरानी पहचान काफी है
कभी मिलेंगे तोह बतला भी देंगे
बतलाने को अभी सवालो के जवाब काफी हैं |
अभी इस कहानी में, आने पड़ाव काफी हैं,
इन पलकों के पीछे, छिपे ख्वाब काफी हैं |
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